बचपन में बेच दिया गया था, अब असली माता-पिता की खोज में निकल पड़ा शख्स! जानिए कैसे?

गुजरात के आणंद में एक 32 वर्षीय पुरुष ने अपने माता-पिता की खोज में उनकी यात्रा पर निकल दी है। इसका कारण यह है कि उसको आवश्यकता से परे एक डॉक्टर ने जन्मकाल में उसको दूसरे परिवार में बेच दिया था। वे लोग, जो उसकी देखभाल कर रहे थे, उसके असली माता-पिता नहीं थे। इस पर व्यक्ति ने आणंद अस्पताल में जांच करवाई है। कुछ नहीं पता चलने पर, उसने मुख्यमंत्री कार्यालय, गृह विभाग और राज्यपाल के पास मदद के लिए आवेदन दिया है।

व्यक्ति ने डॉक्टर पर बाल तस्करी का आरोप भी लगाया है और उन्हें सजा दिलाने की मांग की है। साथ ही, उसने जन्म देने वाले माता-पिता की खोज निकालने की भी अपील की है। हालांकि, आणंद नगर पुलिस ने इस मामले में जांच शुरू कर दी है।

यह पुरुष केदार जोशी के नाम से है, और वह मूल रूप से खेड़ा जिले के नडियाद के रहने वाले हैं। उनके पिता का नाम केदार जोशी है जो कोरोना काल में कोरोना से ग्रस्त हो गए थे। उन्होंने जब बेटे को गोद लिया था, तो बस यही बताया था कि वह उनके गोद में है।

उन्होंने कहा कि उनके बच्चे को देखभाल नहीं हो रही थी, जिसके बाद वे आणंद के होम्योपैथिक डॉक्टर कनू नायक के पास गए थे। उन्होंने कहा कि डॉक्टर ने उनसे पैसे लेकर उनके बच्चे को खरीद लिया था। उन्होंने कहा कि उनको 1991 में 7000 रुपये में खरीद लिया गया था।

व्यक्ति ने बताया कि उन्होंने बचपन में कई क्राइम फिल्में और सीरीज देखी थी, जिससे उन्हें इस मुद्दे का खोज निकालने की प्रेरणा मिली। उन्होंने इस सब में अपनी पत्नी को भी शामिल किया था।

व्यक्ति ने कहा कि उनकी अर्जी के आधार पर आणंद पुलिस ने पूरी जांच शुरू की है, लेकिन कुछ सबूतों की आवश्यकता है क्योंकि घटना 30-32 साल पहले की है।

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