बड़े सवाल: बिहार सरकार की अनोखी छुट्टियों की कटौती के पीछे का रहस्य खुला!

बिहार सरकार ने सरकारी छुट्टियों में कटौती की घोषणा की है। नई छुट्टियों की सूची भी जारी की गई है। इस फैसले के संदर्भ में केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने रिपब्लिक मीडिया से विशेष बातचीत की।

उन्होंने कहा कि यदि शिक्षा का विचार है तो शिक्षकों को पोलियो अभियान और जाति जनगणना में क्यों लगाते हैं? केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने नीतीश सरकार पर निशाना साधते हुए कहा, “मैं नीतीश कुमार से नाराज नहीं हूं।

नाराजगी तो उससे होती है जो फरियाद सुन सके। नीतीश सरकार तो अब लालू जी की सरकार है। ये मुस्लिम परस्त सरकार हो गई है। बिहार में पहले से ही शरिया कानून की तरह कई स्कूलों में शुक्रवार को छुट्टी होती है।”

‘ये हिन्दू पर प्रहार करेंगे….’: गिरिराज सिंह वे बोले,

“ये कह रहे हैं कि हमारी पूरे साल की 20-22 दिन की छुट्टियों को काटकर 5-7 दिनों में ले आएं। इसमें ही बच्चे उत्सव मनाते हैं। दीपावली, छठ, जन्माष्टमी, तीज और अन्य सभी व्रत इनी में ही मनाए जाते हैं। अगर आपको बच्चों की शिक्षा से इतनी ही चिंता है तो क्यों सरकार को पोलियो अभियान में लगाते हैं?

क्यों उन्हें केवल शिक्षा में ही लगाते हैं? इसके अलावा भी कई उपाय हो सकते हैं। उन्हें पता है कि हम जातियों के नाम पर विभाजन करके वोट लेंगे, यह तो एक प्रकार की वोट बैंक ही है। वे हिन्दू समुदाय के खिलाफ प्रहार करेंगे और मुस्लिम परस्त राजनीति करेंगे।”

नीतीश सरकार के फैसले पर चिराग पासवान की कटाक्ष?

लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के प्रमुख चिराग पासवान ने छुट्टियों में कटौती के फैसले पर शिक्षकों के पक्ष में बोलते हुए कहा, “ये कैसे-कैसे आदेश जारी किए जा रहे हैं? पहले आप शिक्षकों को प्रताड़ित करेंगे, फिर उनसे शराब की खोज में लगवाएंगे, उनका उपयोग गणनाओं में भी करेंगे। फिर उनके अधिकारों में भी सीमा लगाएंगे।

क्या आप यह सोचकर ऐसा कर रहे हैं कि छुट्टियों की कमी से उनकी अधिकारों को छीन लिया जा सकता है? क्या यह बदले की भावना से हो रहा है?” चिराग ने यह भी कहा कि शिक्षकों ने हमेशा बिहार के भविष्य को साझा करने के लिए काम किया है और वे बिहार की लड़ाई को आगे बढ़ाने के लिए तैयार हैं। वे विश्वास दिलाते हैं कि वे अपनी लड़ाई लड़ेंगे। इस परिस्थिति में, यदि बदले की भावना से ऐसा हो रहा है तो यह गलत है।”

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