हमास-हिज्बुल्लाह के बाद जंग में नए आतंकी संगठन इस्लामिक जिहाद का नाम, गाजा में 500 मौतों का लगा आरोप

गाजा अस्पताल हमला: गाजा पट्टी के एक अस्पताल पर मंगलवार को हमला हुआ. इस हमले में कम से कम 500 लोगों के मारे जाने का दावा किया जा रहा है. हमास ने इजरायल पर आरोप लगाया है. वहीं इजरायल ने फिलिस्तीन के एक और आतंकी संगठन इस्लामिक जिहाद को हमले का जिम्मेदार ठहराया है.

41 किलोमीटर लंबी और 10 किलोमीटर चौड़ी गाजा पट्टी में हालात बद से बदतर होते जा रहे हैं. मंगलवार रात गाजा के एक अस्पताल पर बड़ा हमला हुआ. इस हमले में कम से कम 500 लोगों के मारे जाने का दावा किया जा रहा है.

इस हवाई हमले में गाजा शहर के अल-अहली बाप्टिस्ट अस्पताल को निशाना बनाया गया था.

इस हमला किसने किया? कोई जिम्मेदारी नहीं ले रहा है. हमास ने इजरायल पर आरोप लगाया है. तो इजरायली सेना ने इस्लामिक जिहाद को इस हमले के लिए जिम्मेदार ठहराया है.

इस्लामिक जिहाद फिलिस्तीन का एक आतंकी संगठन है. इजरायली डिफेंस फोर्स ने दावा किया है कि इस्लामिक जिहाद ने इजरायल की ओर रॉकेट छोड़ा था, लेकिन वो मिसफायर होकर अल-अहली अस्पताल पर गिर गया.

क्या है इस्लामिक जिहाद?

इस्लामिक जिहाद को फिलिस्तीन इस्लामिक जिहाद के नाम से जाना जाता है. ये एक सुन्नी इस्लामिक आतंकी संगठन है.

ये संगठन फिलिस्तीनी इलाकों पर इजरायली कब्जे के खिलाफ लड़ने के लिए बना था. इस्लामिक जिहाद एक स्वतंत्र फिलिस्तीन राष्ट्र की मांग करता है.

1970 के दशक में बने इस्लामिक जिहाद को फिलिस्तीन के सबसे ज्यादा कट्टरपंथी संगठनों में से एक माना जाता है.

हमास के बाद दूसरा बड़ा संगठन

इस्लाम इस्लामिक जिहाद के नेता जियाद अल-नखालाह और मुहम्मद अल-हिंदी हैं. इस्लामिक जिहाद फिलिस्तीन में हमास के बाद दूसरा सबसे बड़ा आतंकी संगठन है.

हैरान करने वाली बात ये है कि हमास के उलट इस्लामिक जिहाद की मौजूदगी वेस्ट और गाजा पट्टी, दोनों जगहों पर है. वेस्ट बैंक और गाजा पट्टी फिलिस्तीन के दो इलाके हैं.

इस्लामिक जिहाद की मिलिट्री विंग को अल-कुद्स ब्रिगेड के नाम से जाना जाता है. 1990 के दशक के बाद अल-कुद्स ने इजरायल पर कई हमले किए हैं.

हमास और इस्लामिक जिहाद में अंतर

इस्लाम इस्लामिक जिहाद और हमास की सोच एक ही है. दोनों का मकसद भी एक स्वतंत्र फिलिस्तीन राष्ट्र की स्थापना करना है. लेकिन दोनों की आइडियोलॉजी और काम करने का तरीका अलग-अलग है.

हालिया सालों में हमास ने गाजा पट्टी में राजनीतिक पकड़ भी मजबूत की है. यहां तक कि 2006 में गाजा पट्टी में चुनाव भी जीता था. जबकि, इस्लामिक जिहाद सिर्फ और सिर्फ सशस्त्र हमलों पर फोकस करता है.

इस्लाम इस्लामिक जिहाद का मकसद

इस्लाम इस्लामिक जिहाद का मकसद है कि वे मानते हैं कि राजनीतिक सौदेबाजी और समझौतों से इजरायल-फिलिस्तीन संघर्ष का समाधान नहीं हो सकता. उन्होंने इजरायल के खिलाफ सैन्य ताकत का इस्तेमाल करने की वकालत करने का रुख किया है.

इसके अलावा, इस्लामिक जिहाद फिलिस्तीन अथवा ओस्लो समझौते जैसे शांति समझौतों को खारिज करता है, उनका कहना है कि इन समझौतों में मुख्य मुद्दों को नजरअंदाज किया गया है.

जानकारों का मानना है कि इस्लामिक जिहाद ईरान की क्रांति से प्रभावित है और उसे ईरान, सीरिया, और लेबनान के आतंकी संगठन हिजबुल्लाह का समर्थन हासिल है.

इस्लामिक जिहाद का ऐतिहासिक विकास

इस्लामिक जिहाद की शुरुआत में यह संगठन मिस्र के राजनीतिक इस्लामिक संगठन ‘मुस्लिम ब्रदरहुड’ के अंडर में काम करता था. लेकिन बाद में इस्लामिक जिहाद एक अलग संगठन बन गया.

अमेरिकी सरकार ने इस्लामिक जिहाद को 1997 में ही ‘विदेशी आतंकी संगठन’ घोषित कर दिया था.

इस्लामिक जिहाद के आतंकी कार्यक्षेत्र

इस्लामिक जिहाद के आतंकी कार्यक्षेत्र मुख्य रूप से पलेस्टाइन के इलाकों में है, जहां वे इजरायल के साथ संघर्ष कर रहे हैं. इसके अलावा, वे अपने आतंकी क्रियाओं को इजरायल के खिलाफ फैलाने के लिए दुसरे आतंकी संगठनों जैसे हिजबुल्लाह और फिलिस्तीनी हमास के साथ संयुक्त रूप से कार्यगत करते हैं.

इस्लामिक जिहाद और व्यक्तिगत जिहाद

इस्लामिक जिहाद का मुख्य उद्देश्य राष्ट्रीय स्वतंत्रता है और वे इसे सशस्त्र माध्यमों के माध्यम से हासिल करने का प्रयास करते हैं. उनका मानना है कि संघर्ष के बिना फिलिस्तीन के लोगों की स्वतंत्रता नहीं मिल सकती.

इस्लामिक जिहाद की आत्मविश्वास और अभिवादन

इस्लामिक जिहाद के सदस्य अपने कार्यों में गर्व और समर्थन का महत्वपूर्ण भाग मानते हैं. वे अपने आत्मविश्वास को बढ़ाने के लिए विश्वास करते हैं कि उनकी संघर्ष फिलिस्तीन के लोगों के लिए महत्वपूर्ण है और इसके लिए वे हर संघर्ष को महत्वपूर्ण मानते हैं.

इस्लामिक जिहाद का अंतर्राष्ट्रीय प्रतिष्ठा

इस्लामिक जिहाद ने अपने संघर्ष के लिए अंतरराष्ट्रीय समर्थन भी प्राप्त किया है, खासकर उनका समर्थन ईरान, सीरिया, और लेबनान के आतंकी संगठन हिजबुल्लाह से मिलता है. इसके बावजूद, इस्लामिक जिहाद को कई देशों द्वारा आतंकवादी संगठन मान्य नहीं किया जाता है, और यह उनके संघर्ष की सख्ती के कारण है.

इस्लामिक जिहाद के नेता और सदस्य

इस्लामिक जिहाद के नेता और सदस्य इस संगठन की मान्यता और लोकप्रियता को बढ़ाते हैं. उनमें नेता जियाद अल-नखालाह और मुहम्मद अल-हिंदी शामिल हैं, जो अपने संघर्ष के प्रति पूरी तरह समर्थ हैं और उनके द्वारा लिए गए कदमों को समर्थन देते हैं.

आखिर में, इस्लामिक जिहाद का उद्देश्य अपनी विचारधारा के माध्यम से फिलिस्तीनी लोगों की स्वतंत्रता को हासिल करना है, और उनके संघर्ष को आत्मनिर्भरता और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ाने का प्रयास कर रहे हैं।

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