मोदी सरकार की बड़ी कदम, जामा मस्जिद समेत संपत्तियों का वापस लेने की तैयारी में!

केंद्र सरकार की मोदी सरकार वक्फ बोर्ड से जामा मस्जिद समेत कई संपत्तियों को वापस लेने की तैयारी में है। इस संदर्भ में केंद्र सरकार के शहरी विकास मंत्रालय ने एक नोटिस भी जारी किया है।

यह नोटिस वक्फ बोर्ड से 123 संपत्तियों को वापस लेने के लिए जारी किया गया है। इसमें दिल्ली की जामा मस्जिद समेत कई दरगाहें, कब्रिस्तान और मस्जिदें शामिल हैं। यह बताया गया है कि मनमोहन सरकार के काल में ये संपत्तियां वक्फ बोर्ड को सौंपी गई थीं, जिन्हें अब मोदी सरकार वापस लेने की तैयारी में है।

बुधवार (30 अगस्त) को शहरी विकास मंत्रालय के भूमि एवं विकास कार्यालय ने वक्फ बोर्ड को एक नोटिस भेजा है, जिसमें उसे आवश्यक कागजात प्रस्तुत करने के लिए कहा गया है, जिनमें बोर्ड को बताना है कि ये संपत्तियां उसे क्यों सौंपी गई थीं?

याद दिलाया जाता है कि इस साल के फरवरी महीने की शुरुआत में आवास एवं शहरी मामलों के मंत्रालय के भूमि एवं विकास कार्यालय (L&DO) ने एक दो सदस्यीय समिति की रिपोर्ट के आधार पर बोर्ड से 123 संपत्तियों के नियंत्रण को अपने हाथों में लेने का निर्णय लिया था। मंत्रालय ने दिल्ली वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष और आम आदमी पार्टी (AAP) विधायक अमानुतल्लाह खान को पत्र लिखकर इस निर्णय की जानकारी दी थी।

यह उपलब्धि दिखाती है कि इन संपत्तियों का मालिकाना हक सरकार के पास ही था। हालांकि यूपीए सरकार के दौरान साल 2014 में संपत्तियों को वक्फ बोर्ड को सौंप दिया गया था। इनमें से 61 संपत्ति का स्वामित्व भूमि एवं विकास कार्यालय (LNDO) के पास था, जबकि 62 संपत्तियों का स्वामित्व दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) के पास था।

हाईकोर्ट में खारिज हुई थी वक्फ बोर्ड की याचिका। वक्फ बोर्ड ने इन संपत्तियों को लेकर दिल्ली हाईकोर्ट में एक याचिका भी दाखिल की थी। उसमें उन्होंने मांग की थी कि इन संपत्तियों को तोड़ने और मरम्मत करने का काम कोई अन्य संगठन न करें। हालांकि हाईकोर्ट ने इस याचिका को खारिज कर दिया था, जिसके बाद सरकार अपनी संपत्तियों की क़ाबिलियत का टेकओवर करने के लिए वक्फ बोर्ड को नोटिस भेजा है।

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